मारते-मारते पीठ लाल कर दी, कान भी प्लास से नोचा… शरीर पर हर जगह मिले बर्बरता के निशान

नाबालिग बेटी के साथ कोल्डड्रिंक पी रहे छात्र के साथ बर्बरता करने वाले वकील ब्रजनारायण निषाद ने उसके पिता को भी फोन कर धमकाया था। छात्र के पिता का आरोप है कि शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे वकील ने फोन कर कहा कि बेटे को जिंदा देखना है तो एक घंटे के भीतर ईश्वरीगंज आ जाओ, नहीं तो मारकर गंगा में बहा देंगे।तुम्हें भी काटकर फेंक देंगे।कानपुर देहात के बरौर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले छात्र के पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बेटा बिठूर में अपनी नानी के घर में रहकर पढ़ाई करता है। शुक्रवार रात बेटा खाना खाने के बाद टहलने निकला था। इसी बीच वकील ने अपने भाई और साथियों की मदद से बेटे को अगवा कर लिया था।बिठूर के चिरान गांव स्थित एक फार्म हाउस में लेकर उसे यातनाएं दीं। रात को उनके पास अनजान नंबर से वकील का फोन आया। नाम पूछते ही धमकाना शुरू कर दिया। एक घंटे में आने को कहा। शिक्षक के मुताबिक उन्होंने कहा कि हमारे गांव से बिठूर 70 किलोमीटर दूर है और रात में कोई साधन नहीं मिलेगा। कम से कम डेढ़ घंटा लगेगा। इस पर कहा कि ईश्वरीगंज चौराहा पहुंचकर फोन करो।

दिखाई समझदारी… बरौर से सीधे पहुंचे बिठूर थाने
शिक्षक के मुताबिक उन्होंने किसी तरह गाड़ी का इंतजाम किया और घर में ताला बंद करके पत्नी व छोटे बेटे के साथ सीधे बिठूर थाने पहुंचे। पुलिस को पूरा वाकया बताया। साथ ही धमकी देने वाले शख्स का फोन नंबर भी दिया। बकौल शिक्षक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया और लोकेशन निकाली। इसी आधार पर बिठूर थाना प्रभारी दलबल के साथ उन्हें लेकर फार्म हाउस पहुंचे, तो जंगल में बनी एक कोठरी नुमा कमरे के बाहर बेटा कुर्सी पर बैठा था। उसके हाथ पैर बंधे थे। पुलिस ने बेटे को छुड़ाया। साथ ही अधिवक्ता व उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया।

परिजनों को बात करने से रोकती रही पुलिस
हैलट इमरजेंसी में घायल छात्र का इलाज चल रहा था। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी चाही, तो स्वरूपनगर इंस्पेक्टर राजेश शर्मा उनको रोकते रहे। उन्होंने परिजनों से बदसलूकी की। कई लोगों को धकियाते हुए इमरजेंसी से बाहर कर दिया। इस पर पीड़ित परिजन पुलिस वालों को कोसते दिखे।

घटना बयां करते वक्त कांपते रहे छात्र के होंठ
पिटाई से छात्र इस कदर दहशत में रहा कि पुलिस के सामने घटना बयां करते वक्त उसके होंठ कांप रहे थे। वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। छात्र ने पुलिस को बताया कि उसे चार पहिया से अगवाकर जंगल ले जाया गया। वहां आठ लोगों ने लोहे की रॉड, सरिया, डंडे, बेल्ट से पीटा। मैं जान की भीख मांगता रहा और लोग उसे पीटते रहे। समय रहते परिजन और पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती ती लोग उसे मारकर फेंक देते। छात्र के पिता ने भी कहा कि पुलिस ने तेजी न दिखाती और फौरन एक्शन न लेती तो बेटा मारा जाता और वह भी नहीं बचते।

आरोपी बोला, मैं घर में नहीं था
आरोपी अधिवक्ता का कहना है कि घटना के समय वह घर पर नहीं दादानगर में थे। सूचना पाकर गांव पहुंचे थे। बेटी के कोचिंग आने-जाने के दौरान छात्र उसे रास्ते में रोकता था। उसे परेशान करता और मोबाइल नंबर मांगता था।

छात्र की मां बोली, मांगी थी पांच लाख की फिरौती
पीड़ित छात्र की मां ने कहा कि अधिवक्ताने बेटे को अगवाकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फंसने पर खुद को बचाने के लिए बेटे को बदनाम कर रहा है। वह भी अपनी बेटी को ढाल बनाकर। मां के मुताबिक गंगपुर गांव में रहने वाली उनकी मां ने कुछ समय पहले जमीन बेची है। यह बात अधिवक्ता को पता थी। आरोप है कि अधिवक्ता ने बेटे को फिरौती के लिए अगवा किया था।

आरोपी अधिवक्ता की पत्नी की हालत बिगड़ी
अधिवक्ता और उसके भाई की गिरफ्तारी की खबर पाकर परिजन और ग्रामीण बिठूर थाने पहुंच गए। आरोपियों को छोड़े जाने की मांग को लेकर डेरा डाल दिया। रातभर लोग थाने में जमे रहे। सुबह आरोपी अधिवक्ता की पत्नी की तबीयत धाने में बिगड़ गई। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने इलाज के लिए पुलिस की मजरूबी चिट्ठी मांगी, लेकिन पुलिस ने देने से मना कर दिया।

थाना प्रभारी की कलाई चबाई
घटना के बाद आरोपियों की तलाश में बिठूर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह दलबल के साथ चिरान गांव स्थित फार्म हाउस पहुंचे। अधिवक्ता की स्वास्थ्य विभाग में तैनात पत्नी ने थाना प्रभारी की कलाई चबा ली।

दो दिन पहले भी छात्र गया था मिलने
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को भी पीड़ित छात्र, छात्रा से मिलने गया था। छात्रा के घर के पास फोन करते देखा गया था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को भी छात्रा को छात्र के साथ देखा गया। छात्रा के परिजनों ने उसे डांटकर घर भेज दिया था। इसके बाद रात को फिर छात्र से मिलने पहुंच गई।

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