ग्राम मदारीपुर में दिवंगत सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर के द्वारा मातमी धुन के साथ किया गया अंतिम संस्कार*

*ग्राम मदारीपुर में दिवंगत सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर के द्वारा मातमी धुन के साथ किया गया अंतिम संस्कार*

 

*सेना के अधिकारियों द्वारा मृतक सैनिक को थाना कुठौंद परिसर में लाया गया यहां पर सभी सरकारी अमला एकत्रित हुए इसके बाद गांव के लिए किया गया प्रस्थान*

 

कुठौंद जालौन !भटिंडा (पंजाब) में तैनात सैनिक हरी सिंह की ड्यूटी के दौरान अचानक दर्द होने से वहीं पर मृत्यु हो गई! मृत्यु की सूचना पाकर घर में कोहराम मच गया आज मृतक की बटालियन द्वारा सेना के जवान का शव भटिंडा (पंजाब) से गांव मदारीपुर लाया गया जहां पर सेना के अधिकारियों के द्बारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर मृतक सैनिक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

विवरण के अनुसार मदारीपुर निवासी हरी सिंह भास्कर भारतीय थल सेना में नायक के पद पर तैनात थे बीते दिनों उनके सीने में अचानक दर्द हुआ तभी सैनिक को सेना के अस्पताल ले जाया गया जहां उनका निधन हो गया निधन की सूचना परिवारी जनों को दी गई।

सूचना मिलते ही पूरे परिवार में गम का माहौल व्याप्त हो गया दिवंगत सैनिक हरी सिंह भास्कर पुत्र छक्की लाल भटिंडा में तैनात थे! उनका वहीं पर निधन हो गया उनके निधन की सूचना पाकर मदारीपुर गांव में सन्नाटा छा गया ! गम व देशभक्ति के बीच गांव में ही नही पूरे क्षेत्र के लोग कर्तव्य पथ पर अपना बलिदान देने वाले सैनिक हरी सिंह के अंतिम दर्शन करने के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। जन सैलाब को नियंत्रित करने के लिए लोगों ने पूरे धैर्य की परीक्षा दी और कर्तव्य पथ पर शहीद जवान के अंतिम दर्शन करने की होड़ मच गई। सेवा काल के दौरान भारत माता की रक्षा करते-करते अपनी जान की बाजी लगाने वाले दिवंगत सैनिक हरी सिंह के निधन की सूचना पाकर नवनिर्वाचित सांसद नारायण दास अहिरवार , उप जिलाधिकारी जालौन अतुल कुमार, नायब तहसीलदार जालौन मुकेश कुमार ,पुलिस क्षेत्राधिकारी राम सिंह ,थाना अध्यक्ष कुठौद कृष्ण पाल सरोज, थाना अध्यक्ष सिरसा कलार ब्रजेश बहादुर सिंह, प्रशासनिक अमला तथा पूर्व सैनिक व ग्राम प्रधानगण एवं मीडिया के लोग भी मौके पर मौजूद रहे। मौके पर पहुंचे सभी लोगों के द्वारा मृतक सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई! सेना के जवानों द्वारा मातमी धुन के बीच दिवंगत हरी सिंह को अंतिम विदाई दी हरी सिंह को मुखाग्नि उनके भाई ने दी बताया जाता है हरी सिंह एक मिलनसार व्यक्तित्व के थे तथा जब भी वह अवकाश पर घर आते थे तो युवाओं को सेना में जाने के लिए भी प्रेरित किया करते थे इनका परिवार मदारीपुर में लगभग 25 वर्षों से रह रहा है यह पूर्व में ग्राम लोहई दिवारा के निवासी थे! उनके परिवार में उनकी पत्नी तथा दो पुत्र दो पुत्रियां नाबालिक हैं! पत्नी तथा बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल बना हुआ है!

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