गोल्ड घोटाला और पुरानी रंजिश… अतीत से है तमिलानाडु के BSP नेता के. आर्मसट्रांग की हत्या का कनेक्शन

मिलनाडू के चेन्नई में 5 जुलाई को बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रदेश अध्यक्ष के.आर्मसट्रांग की हत्या कर दी गई थी. के.आर्मसट्रांग के भाई वीरामानी, जो इस हमले से बच गए थे, उन्होंने कहा कि हमलावरों ने के. आर्मसट्रांग को 10 सेकेंड के अंदर मौत के घाट उतार दिया.इंडिया टुडे को मिली के. आर्मसट्रांग के फु़टेज में उनके शरीर पर चोट के अनगिनत निशान नजर आ रहे हैं.चेहरे पर चोट के निशान के साथ, पूरे शरीर पर भी जख्म हैं. शरीर के दाहिने हिस्से पर इतना वार किया गया है, जिससे मांस का टुकड़ा निकल आया है. वीरामानी ने आगे कहा कि दो लोगों ने उनका ध्यान भटकाने के लिए कहा कि खाने का ऑर्डर किया है, जैसे उनका ध्यान वहां से हटा उस गैंग ने हमला कर दिया.

अपराधियों ने किया समर्पण
घटना के एक घंटे के अंदर ही 8 लोगों ने अन्ना नगर के 4 पुलिस थाने में समर्पण कर दिया, जिनकी पहचान पोन्नई बाला (33), हिरुवेंगतम (33), संतोष (22), अरुल (33) मनिवनान (25) रामू (38), थिरुमलाई (45),सेल्वाराज (48) के रूप में हुई है.

पुलिस का बयान

शहर के पुलिस कमिशनर संदीप राय जिन्हें सोमवार को डीजीपी (DGP) नियुक्त किया गया, उन्होंने अपने बयान में कहा है कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. संदीप राय ने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इस मामले का कोई भी राजनीतिक कारण नहीं है.राजनीतिक करियर की शुरूआत में के. आर्मसट्रांग को कुछ राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था. जिसमें किसी दूसरे समूह के साथ के कुछ मुद्दे थे. जिसकी हम जांच कर रहे हैं, लेकिन इस घटना को अंजाम राजनीतिक कारणों से नहीं दिया गया है. हालांकि इसकी पूरी जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही निकल कर आएगी.

इतिहास से जुड़े हैं तार

अतीत की घटनाओं से पता चलता है कि पोन्नई बाला का आपराधिक रिकॉर्ड बहुत पुराना है, और वे गैंगस्टर सुरेश का भाई है. जिसकी हत्या साल 2023 में कर दी गई थी. पुलिस के सूत्रों का कहना है कि गैंग के. आर्मसट्रांग के गतिविधियों पर नजर रख रहा था और इस फिराक में था कि कब वे ऐसी जगह पर या इस हालत में मिले कि उनपर वार किया जा सके. पोन्नई बाला और के. आर्मसट्रांग के बीच कथित गोल्ड घोटाला को लेकर आपसी विवाद चल रहा था.इससे पहले के.आर्मसट्रांग के करीबी थेनारासु की फरवरी में उसके परिवार के समाने ही हत्या कर दी गई थी, इससे पहले हुए सुरेश की हत्या में उसका दोस्त माधवन भी पूरी तरह से घायल हो गया था. इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था.सूत्रों का कहना है कि पोन्नई बाला ने अपने भाई सुरेश की मौत के एक साल के अंदर ही के. आर्मसट्रांग को मारने की शपथ ली थी, लेकिन उसके बाद उसे ऐसे मौका नहीं मिल रहा था, लेकिन 5 जुलाई को जब के. आर्मसट्रांग अपने निर्माणाधीन घर पर गए थे, और उनके पास कोई भी हथियार नहीं था जिसकी सनद पोन्नई बाला के गैंग को लग गई थी और इस मौके का फायदा उठा कर के.आर्मसट्रांग की हत्या कर दी गई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *