डॉक्टर ने बेवफा प्रेमी का प्राइवेट पार्ट काटकर बाथरूम में बहाया

छपरा. बिहार के सारण जिले के मढ़ौरा में एक निजी अस्पताल की कथित डाक्टर अभिलाषा कुमारी ने अपने प्रेमी वार्ड पार्षद वेद प्रकाश का गुप्तांग काट दिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद मढ़ौरा थाना पुलिस ने वार्ड पार्षद को रेफरल अस्पताल पहुंचाया.प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने वेद प्रकाश को छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां से गंभीर स्थिति में डॉक्टरों ने उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया है.

साजिश के तहत प्रेमी को बुलाया नर्सिंग होम

घटना के बाद पुलिस ने कथित डॉ अभिलाषा को हिरासत में लेकर जरूरी पूछताछ कर रही है. इस घटना के सम्बंध में महिला ने आरोप लगाया कि वार्ड पार्षद वेद प्रकाश सिंह उसके साथ पिछले दो साल से पति-पत्नी की तरह रह रहा था. वे दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. वार्ड पार्षद पिछले दो साल से शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण कर रहा था. इधर, जब वेदप्रकाश की नीयत पर जब संदेह हुआ तो उसने शादी करने का दबाव बनाया, लेकिन पार्षद ने शादी करने से इनकार कर दिया. इसके बाद अभिलाषा ने उसे सबक सिखाने की योजना बनाई व सोमवार को मढौरा मेन रोड स्थित अपने निजी नर्सिंग होम में एक साजिश के तहत बुलाया.

प्राइवेट पार्ट काटकर बाथरूम में बहाया

अभिलाषा के बुलावे पर वेदप्रकाश सोमवार को करीब 10:30 बजे उसके फर्जी नर्सिंग होम में पहुंचा. महिला ने बताया कि पहले वेदप्रकाश को बेहोशी की सूई देकर बेहोश कर दिया. फिर उसके गुप्तांग को चाकू से काटकर वॉशरूम के रास्ते बहा दिया. घटना की सूचना मिलते ही मढौरा पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और उक्त फर्जी नर्सिंग होम से जख्मी वेदप्रकाश को पुलिस जीप से उठाकर मढौरा रेफरल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया जहां, डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद पहले छपरा व फिर वहां से पटना रेफर कर दिया.

धोखे से तंग आकर उठाया कदम

इस घटना के बाद मढौरा पुलिस ने उक्त आरोपी महिला अभिलाषा को अपने हिरासत में ले लिया है व संबंधित जरूरी पूछताछ कर रही है. पुलिस हिरासत में गई महिला ने स्वीकार किया कि उन्होंने न्हों वार्ड पार्षद वेद प्रकाश के धोखे से तंग आकर ऐसा कदम उठाया है. वार्ड पार्षद वेद प्रकाश मढ़ौरा नगर के वार्ड 12 के रहने वाले पुरानी बाजार निवासी उपेंद्र सिंह का 28 वर्षीय पुत्र है, जबकि उक्त महिला अभिलाष करताहा बुजुर्ग वैशाली निवासी ललनकांत गुप्ता की बेटी है. इससे पहले अभिलाषा दरियापुर, हाजीपुर, सीतामढ़ी रहकर काम कर चुकी हैं.

अमेरिका में 1993 में हुई थी बाबीटाइजेशन की पहली घटना

मढौरा रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृष्णचंद्रा ने बताया कि इस तरह की घटना सबसे पहले अमेरिका में 1993 के आसपास हुई थी. यहा लोरेना बोबिट नाम की एक महिला ने अपने प्रेमी से शादी करने में असफल होने पर उसे एक साजिश के तहत योजनाबद्ध तरीके से अपने घर बुलाकर चाकू से उसका गुप्तांग काटा व शौचालय में बहा दिया था. इसके बाद से इस घटना का नाम बाबीटाइजेशन रख दिया गया और इस तरह की घटना को बबीटाइजेशन कहा जाने लगा. इस घटना के बारे में फॉरेंसिक मेडिसिन की किताबों में डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज में आज भी पढ़ाया जाता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *